भारत-चीन सीमा पर जारी है फेसऑफ, ITBP डीजी के बयान के बाद कांग्रेस का केंद्र सरकार पर हमला

ITBP डीजी शत्रुजीत कपूर का खुलासा- अरुणाचल सीमा पर चीन के साथ लगातार हो रहा है फेसऑफ। शौर्य कमांडोज ने संभाला मोर्चा, कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने पीएम मोदी की चुप्पी पर उठाए सवाल।

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भारत-चीन सीमा (LAC) पर जारी तनाव के बीच भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के महानिदेशक शत्रुजीत कपूर ने एक बड़ा खुलासा किया है। एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि अरुणाचल प्रदेश सीमा पर भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच कई बार ‘फेसऑफ’ (आमने-सामने की स्थिति) हुआ है और यह सिलसिला अभी भी जारी है। उन्होंने बताया कि इन चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में आईटीबीपी की विशेष ‘शौर्य कमांडो टीम्स’ ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए मोर्चा संभाला है। डीजी ने बल के इतिहास और बदलाव को रेखांकित करते हुए कहा कि आईटीबीपी की शुरुआत एक पर्वतीय गुरिल्ला बल के तौर पर हुई थी, जो समय के साथ एक पारंपरिक बल के रूप में सीमा प्रबंधन संभालती आई है, लेकिन आज के समय में इसे एक विशिष्ट हाई-ऑल्टीट्यूड फोर्स के रूप में खुद को स्थापित करना है।

डीजी के बयान के बाद केंद्र सरकार पर कांग्रेस हमलावर

आईटीबीपी प्रमुख के इस खुलासे के सामने आते ही देश की सियासत गरमा गई है और मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने केंद्र सरकार को आड़े हाथों लिया है। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट साझा करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने लिखा कि खुद को ‘विश्वगुरु’ बताने वाली सरकार ने सीमा पर चीन को खुली छूट दे रखी है। रमेश ने कहा कि आईटीबीपी के डीजी ने हालिया झड़पों में अपने जवानों की बहादुरी और प्रदर्शन की जो सराहना की है, वह पूरी तरह जायज है, लेकिन इस बेहद गंभीर और संवेदनशील घटनाक्रम पर प्रधानमंत्री की चुप्पी हैरान करने वाली है।

डोकलाम से अरुणाचल तक सीमा पर लगातार तनाव का साया

दोनों देशों के बीच सीमा पर तनाव का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले वर्ष 2017 में भूटान-चीन-भारत तिराहे पर स्थित डोकलाम क्षेत्र में दोनों देशों की सेनाओं के बीच करीब 73 दिनों तक भारी गतिरोध चला था, जिसके बाद काफी समय तक स्थिति संसद से लेकर सड़क तक गरमाई रही थी। हालांकि इसके बाद कूटनीतिक वार्ताओं से कुछ समय के लिए शांति बहाल हुई, लेकिन अरुणाचल प्रदेश के तवांग और अन्य संवेदनशील सेक्टरों में चीनी सेना की घुसपैठ की कोशिशों ने एक बार फिर गतिरोध को गंभीर बना दिया है।

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