कच्चे तेल की कीमतों में उछाल से शेयर बाजार में गिरावट, सेंसेक्स और निफ्टी टूटे

कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के कारण भारतीय शेयर बाजार गिरावट के साथ खुले, सेंसेक्स और निफ्टी टूटे।

- Advertisement -spot_imgspot_img
- Advertisement -spot_imgspot_img

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के कारण सोमवार को भारतीय इक्विटी बाजारों की शुरुआत भारी दबाव और गिरावट के साथ हुई। वैश्विक स्तर पर ऊर्जा कीमतों में लगातार बने हुए उछाल ने निवेशकों की धारणा पर गहरा असर डाला है, जिसके चलते बाजार में किसी भी बड़े सुधार की संभावनाएं सीमित नजर आ रही हैं। कारोबारी सत्र शुरू होते ही बेंचमार्क सूचकांकों में तेज बिकवाली देखी गई और दोनों प्रमुख इंडेक्स लाल निशान में फिसल गए।

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख सूचकांक निफ्टी 50 सोमवार सुबह 75.60 अंक अथवा 0.33 प्रतिशत टूटकर 22,524.40 के स्तर पर खुला। वहीं,दूसरी ओर बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सेंसेक्स 133.79 अंक यानी 0.18 प्रतिशत की गिरावट के साथ 72,990.04 के स्तर पर खुला। बाजार में कारोबार शुरू होने के तुरंत बाद बिकवाली का यह दबाव और बढ़ गया, जिससे दोनों सूचकांक अपने शुरुआती स्तरों से और नीचे फिसलते चले गए।

कमोडिटी मोर्चे पर पश्चिम एशिया में जारी तनाव और ऊर्जा आपूर्ति को लेकर गहराती चिंताओं के बीच ब्रेंट क्रूड ऑयल 114.19 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार कर रहा था। कच्चे तेल के भाव पिछले सप्ताह की तुलना में काफी ऊंचे बने हुए हैं। हालांकि कीमतों में 115 डॉलर से नीचे की मामूली नरमी आई है, लेकिन यह स्तर अब भी बाजार के सामान्य सुधार और तेजी में सबसे बड़ी रुकावट बना हुआ है।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट वी के विजयकुमार के अनुसार, कच्चे तेल की ऊंची कीमतें निफ्टी को 22,600 के स्तर से ऊपर उठने में लगातार बाधित करेंगी। उन्होंने निवेशकों को सलाह दी कि उन्हें अल्पकाल में इंडेक्स के स्तरों को लेकर परेशान होने की आवश्यकता नहीं है। इसके बजाय निवेशकों को इस करेक्शन के दौरान सामने आए वैल्यू बाइंग के अवसरों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए, साथ ही कच्चे तेल के उच्च स्तर से उत्पन्न वृहद आर्थिक जोखिमों को लेकर सतर्क रहना चाहिए।

व्यापक बाजार की स्थिति पर बात करते हुए उन्होंने मिड-कैप और स्मॉल-कैप शेयरों में आई हालिया गिरावट के पीछे का कारण स्पष्ट किया। उनके मुताबिक, बाजार का एक अहम नियम यह है कि जब मूल्यांकन अत्यधिक ऊंचे स्तर पर पहुंच जाते हैं, तो उनका सामान्य स्तर पर लौटना स्वाभाविक होता है। पिछले सप्ताह मिड और स्मॉल कैप में आई भारी गिरावट मुख्य रूप से मार्जिन-फंडेड सौदों के जबरन लिक्विडेशन के चलते देखने को मिली थी। हालांकि ब्रॉडर मार्केट अभी भी महंगा है, लेकिन इस तेज गिरावट से उच्च-विकास वाले क्षेत्रों में नए निवेश के द्वार खुलेंगे।

सेक्टोरल मोर्चे पर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के ज्यादातर प्रमुख सूचकांक नुकसान के साथ खुले, जिनमें निफ्टी आईटी सबसे अधिक 2.39 प्रतिशत लुढ़क गया। इसके अलावा निफ्टी रियल्टी में 0.92 प्रतिशत, निफ्टी ऑटो में 0.42 प्रतिशत, निफ्टी पीएसयू बैंक में 0.28 प्रतिशत और निफ्टी एफएमसीजी में 0.27 प्रतिशत की कमजोरी दर्ज की गई। इस चौतरफा मंदी के बीच केवल निफ्टी मीडिया, निफ्टी फार्मा और निफ्टी प्राइवेट बैंक ही हरे निशान में टिके रहने में सफल रहे।

व्यक्तिगत कंपनियों के प्रदर्शन की बात करें तो बाजार के शुरुआती कारोबार में चुनिंदा बैंकिंग और हेल्थकेयर शेयरों में मजबूती देखने को मिली। कोटक महिंद्रा बैंक, डॉ. रेड्डीज, मैक्स हेल्थकेयर, सन फार्मा और एक्सिस बैंक टॉप गेनर्स की सूची में शामिल रहे। दूसरी ओर श्रीराम फाइनेंस, इन्फोसिस,एचसीएल टेक, टेक महिंद्रा, बजाज फाइनेंस और एनटीपीसी के शेयरों में भारी गिरावट दर्ज की गई और वे टॉप लूजर्स साबित हुए।

घरेलू शेयर बाजार के साथ-साथ कीमती धातुओं के भाव में हल्की बढ़त देखने को मिली। 24 कैरेट सोने की कीमत 0.29 प्रतिशत बढ़कर 1,42,431 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गई, जबकि चांदी 0.67 प्रतिशत चढ़कर 1,97,028 रुपये प्रति किलोग्राम पर खुली।

अन्य प्रमुख एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुझान देखने को मिला। जापान का निक्केई 225 इंडेक्स 0.61 प्रतिशत गिरकर 62,311 पर, सिंगापुर का स्ट्रेट्स टाइम्स 0.43 प्रतिशत टूटकर 5,398 पर और दक्षिण कोरिया का कोस्पी 1.40 प्रतिशत गिरकर 5,477 पर बंद हुआ, जबकि इसके विपरीत हॉन्गकॉन्ग का हैंग सेंग 0.46 प्रतिशत की बढ़त बनाकर 23,199 के स्तर पर कारोबार करता दिखाई दिया।

- Advertisement -spot_imgspot_img
Latest news
- Advertisement -spot_img
Related news
- Advertisement -spot_img

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here