केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने चार राज्यों के विधान परिषद (MLC) चुनाव परिणामों को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधा है। अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्टर साझा किया, जिसमें ‘बैलेट बॉक्स इस्तीफा दो’ लिखा हुआ है। पोस्टर के जरिए कांग्रेस के चुनावी प्रदर्शन पर कटाक्ष किया गया है। इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी MLC चुनावों में कांग्रेस की सीटों को लेकर सवाल उठाते हुए पार्टी पर तंज कसा था।
उत्तर प्रदेश, बिहार, कर्नाटक और महाराष्ट्र की 28 विधान परिषद सीटों के चुनाव परिणामों को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। उपलब्ध परिणामों के अनुसार, कांग्रेस इन चुनावों में एक भी सीट जीतने में सफल नहीं रही। वहीं, भाजपा और उसके सहयोगियों ने कई सीटों पर जीत दर्ज की। हालांकि, महाराष्ट्र और बिहार की कुछ सीटों पर मतगणना जारी होने की जानकारी भी सामने आई थी।
अमित शाह ने पोस्टर शेयर कर राहुल गांधी पर साधा निशाना
अमित शाह ने एक्स पर एक पोस्टर साझा किया, जिसमें राहुल गांधी जैसे दिखने वाले व्यक्ति की तस्वीर दिखाई गई है। पोस्टर में MLC चुनाव परिणामों का जिक्र करते हुए कांग्रेस की सीटों की संख्या शून्य बताई गई है। इसके साथ ही ‘बैलेट बॉक्स इस्तीफा दो’ का व्यंग्यात्मक संदेश लिखा गया है।
पोस्टर में शून्य के आंकड़े को विशेष रूप से दिखाया गया है और एक बैलेट बॉक्स का कार्टून भी बनाया गया है। इस पोस्ट के जरिए भाजपा ने कांग्रेस की उस मांग पर सवाल उठाया है, जिसमें चुनाव बैलेट पेपर से कराने और चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता सुनिश्चित करने की बात कही जाती रही है।
भाजपा नेताओं का तर्क है कि बैलेट पेपर से हुए चुनावों में भी कांग्रेस को सफलता नहीं मिली। वहीं, कांग्रेस का कहना है कि चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची से संबंधित शिकायतों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
पीएम मोदी ने भी कांग्रेस से पूछा था सवाल
अमित शाह से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी MLC चुनाव परिणामों को लेकर कांग्रेस पर कटाक्ष किया था। उन्होंने एक्स पर पोस्ट करते हुए उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, बिहार और कर्नाटक की 28 सीटों का जिक्र किया और पूछा कि इन चुनावों में कांग्रेस ने कितनी सीटें जीती हैं।
प्रधानमंत्री की इस टिप्पणी को कांग्रेस के चुनावी प्रदर्शन पर राजनीतिक तंज के रूप में देखा गया। चुनाव परिणाम सामने आने के बाद भाजपा के कई नेताओं ने कांग्रेस की रणनीति और चुनावी दावों पर सवाल उठाए।
दूसरी ओर, कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने भाजपा को चुनौती देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री को आगामी लोकसभा और विधानसभा चुनाव बैलेट पेपर से कराने का वादा करना चाहिए। इस बयान के बाद बैलेट पेपर बनाम ईवीएम की बहस फिर राजनीतिक चर्चा में आ गई।
चार राज्यों की 28 MLC सीटों के क्या रहे नतीजे?
उत्तर प्रदेश, बिहार, कर्नाटक और महाराष्ट्र की विधान परिषद सीटों पर हुए चुनावों में अलग-अलग दलों ने जीत दर्ज की। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, कांग्रेस को इन चुनावों में कोई सीट नहीं मिली।
उत्तर प्रदेश: राज्य की 11 सीटों में भाजपा ने छह और समाजवादी पार्टी ने पांच सीटें जीतीं। परिणामों में दोनों दलों के बीच मुकाबला देखने को मिला।
कर्नाटक: राज्य की चारों सीटों पर भाजपा और जनता दल (सेक्युलर) यानी जेडीएस गठबंधन ने जीत दर्ज की। इन परिणामों को लेकर भाजपा ने कांग्रेस पर निशाना साधा।
महाराष्ट्र: पांच सीटों में से भाजपा ने दो सीटें जीतीं, जबकि विपक्षी महाविकास आघाड़ी को दो सीटों पर सफलता मिली। एक सीट के परिणाम को लेकर मतगणना जारी होने की जानकारी दी गई थी।
बिहार: उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, भाजपा ने दो, राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने एक और जन सुराज ने एक सीट जीती। एक सीट निर्दलीय उम्मीदवार के खाते में गई, जबकि जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) ने भी एक सीट पर जीत दर्ज की। दो सीटों पर मतगणना जारी होने की जानकारी दी गई थी।
इन परिणामों को लेकर भाजपा कांग्रेस की चुनावी स्थिति पर सवाल उठा रही है। हालांकि, विधान परिषद चुनावों के नतीजों को सभी राज्यों में किसी पार्टी की समग्र लोकप्रियता का निर्णायक पैमाना नहीं माना जा सकता।
गोरखपुर MLC सीट पर सिर्फ 307 वोटों से जीती भाजपा
उत्तर प्रदेश की गोरखपुर विधान परिषद सीट पर मुकाबला काफी करीबी रहा। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, भाजपा के उम्मीदवार ध्रुव त्रिपाठी ने 307 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की। इस जीत के साथ वह लगातार चौथी बार एमएलसी बने।
गोरखपुर को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के राजनीतिक प्रभाव वाला क्षेत्र माना जाता है। ऐसे में यहां जीत का कम अंतर चर्चा का विषय बन गया है।
निर्दलीय उम्मीदवार राजीव यादव ने चुनाव परिणाम पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि उन्हें जानबूझकर हराया गया और करीब एक हजार वोटों की चोरी हुई। हालांकि, यह उनका आरोप है; इसे स्वतंत्र रूप से प्रमाणित तथ्य के तौर पर नहीं माना जा सकता।
गोरखपुर सीट के नतीजे ने चुनावी प्रक्रिया और मतगणना को लेकर स्थानीय स्तर पर विवाद को भी जन्म दिया है। इन आरोपों की वास्तविकता का आकलन संबंधित चुनावी रिकॉर्ड और आधिकारिक जांच के आधार पर ही किया जा सकता है।
बैलेट पेपर को लेकर फिर तेज हुई राजनीतिक बहस
MLC चुनाव परिणामों के बाद भाजपा और कांग्रेस के बीच बैलेट पेपर को लेकर बहस तेज हो गई है। भाजपा नेताओं का कहना है कि बैलेट पेपर से हुए चुनावों में कांग्रेस का प्रदर्शन उसके दावों पर सवाल खड़े करता है। वहीं, कांग्रेस चुनावी पारदर्शिता और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को उठाते हुए बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग कर रही है।
अमित शाह का पोस्टर और प्रधानमंत्री मोदी की टिप्पणी इसी राजनीतिक टकराव का हिस्सा हैं। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर दोनों दलों के बीच बयानबाजी जारी रहने की संभावना है।







