राजस्थान की राजधानी जयपुर के शिवदासपुरा थाना क्षेत्र स्थित पूर्णिमा यूनिवर्सिटी परिसर में 23 वर्षीय एमबीए छात्रा की छठी मंजिल से गिरकर हुई दर्दनाक मौत के मामले में नया और सनसनीखेज मोड़ आया है। मृतका के भाई की तहरीर पर पुलिस ने अहमदाबाद की एक निजी कंपनी के सीनियर कर्मी के खिलाफ गंभीर मानसिक प्रताड़ना, धोखाधड़ी और वीडियो वायरल करने की धमकी देकर ब्लैकमेल करने का आपराधिक मुकदमा दर्ज किया है। प्राथमिकी में आरोपी पर झूठे वादों के जाल में फंसाकर छात्रा का शारीरिक शोषण करने तथा आपत्तिजनक वीडियो के जरिए लगातार दबाव बनाने के बेहद संगीन आरोप लगाए गए हैं। पुलिस ने केस दर्ज कर डिजिटल साक्ष्यों और कॉल डिटेल्स के आधार पर सघन तफ्तीश शुरू कर दी है।
परिजनों द्वारा दर्ज कराई गई रिपोर्ट के अनुसार, छात्रा अपनी एमबीए की पढ़ाई के साथ ‘ब्लू वेव्स लॉजिस्टिक प्राइवेट लिमिटेड’ नामक कंपनी में इंटर्नशिप कर रही थी। इंटर्नशिप के दौरान ही वह कंपनी के सीनियर अधिकारी योगेश मोटियानी के संपर्क में आई। आरोप है कि योगेश ने छात्रा को करियर और अन्य झूठे प्रलोभनों व वादों में उलझाकर अपने जाल में फंसा लिया और उसके साथ जबरन संबंध बनाए। इस दौरान आरोपी ने धोखे से छात्रा के आपत्तिजनक वीडियो रिकॉर्ड कर लिए। इसके बाद आरोपी का असली चेहरा सामने आया और वह उन निजी वीडियो को सोशल मीडिया पर सार्वजनिक करने की खुली धमकी देकर छात्रा को लगातार ब्लैकमेल करने लगा। वह छात्रा पर बार-बार अनैतिक संबंध बनाने का दबाव बना रहा था,जिसके चलते होनहार छात्रा कई हफ्तों से गहरे मानसिक अवसाद और भारी तनाव से जूझ रही थी।
प्राथमिकी में इस बात का भी उल्लेख है कि लगातार मिल रही धमकियों से तंग आकर छात्रा ने घटना से दो दिन पहले यानी 29 अक्टूबर को हिम्मत जुटाकर अपने परिजनों को इस पूरी प्रताड़ना और ब्लैकमेलिंग की जानकारी दी थी। उस वक्त परिवार ने उसे मानसिक रूप से ढांढस बंधाया, उसका हौसला बढ़ाया और आरोपी का फोन रिसीव न करने व उससे पूरी तरह दूरी बनाने की सलाह दी थी। इसके बाद 31 अक्टूबर को छात्रा अपने सेमेस्टर की परीक्षा में शामिल होने के लिए पूर्णिमा यूनिवर्सिटी पहुंची थी। परिजनों का आरोप है कि परीक्षा के दिन भी आरोपी योगेश मोटियानी ने छात्रा को लगातार फोन किए और वीडियो वायरल करने की धमकी देकर उसे मानसिक रूप से बुरी तरह तोड़ दिया।
इसी मानसिक दबाव और प्रताड़ना के बीच 31 अक्टूबर को विश्वविद्यालय परिसर की छठी मंजिल से रहस्यमयी परिस्थितियों में नीचे गिरने से छात्रा की मौके पर ही मौत हो गई। इस हृदयविदारक घटना से परिजनों में कोहराम मच गया। मृतका के परिवार ने आरोपी योगेश मोटियानी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग करने के साथ-साथ पूर्णिमा यूनिवर्सिटी प्रशासन की कार्यशैली और सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं। परिजनों ने संस्थान प्रबंधन पर लापरवाही और छात्राओं की सुरक्षा के प्रति उपेक्षा बरतने का आरोप लगाया है। शिवदासपुरा थाना पुलिस का कहना है कि दर्ज प्राथमिकी के आधार पर आरोपी के मोबाइल नंबर, चैट रिकॉर्ड और डिजिटल फॉरेंसिक साक्ष्यों को खंगाला जा रहा है, ताकि आत्महत्या के लिए उकसाने और ब्लैकमेलिंग के इस पूरे मामले में दूध का दूध और पानी का पानी हो सके।







