सीकर, राजस्थान: राजस्थान के सीकर जिले में पट्टा जारी करने से जुड़े एक पुराने मामले में जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने सख्त रुख अपनाया है। खंडेला में परिवादी को लंबे समय से पट्टा जारी नहीं किए जाने और आयोग के आदेशों की पालना नहीं होने पर खंडेला की एसडीएम ज्योत्स्ना खेड़ा के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया है। वहीं, सीकर जिला कलेक्टर आशीष मोदी को समन जारी कर 29 अक्टूबर को आयोग के समक्ष व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने के निर्देश दिए गए हैं। यह मामला खंडेला के कांवट रोड निवासी भोलूराम को पट्टा जारी करने से जुड़ा है, जो कई वर्षों से न्यायिक प्रक्रिया के जरिए अपने हक की मांग कर रहे हैं।
2012 में जारी हुआ था पट्टा देने का आदेश
अधिवक्ता सुरेंद्र शर्मा के अनुसार, जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग सीकर ने 31 मई 2012 को नगर पालिका खंडेला, सहायक जिला कलेक्टर खंडेला और जिला कलेक्टर सीकर को परिवादी भोलूराम को पट्टा जारी करने के आदेश दिए थे। हालांकि, आदेश के बावजूद पट्टा जारी नहीं किया गया।
इसके बाद भोलूराम ने वर्ष 2014 में जिला उपभोक्ता आयोग के समक्ष अवमानना प्रकरण पेश किया। मामले में संबंधित अधिकारियों की ओर से आदेशों की पालना नहीं होने का मुद्दा लगातार उठता रहा। लंबे समय तक समाधान नहीं निकलने के कारण परिवादी को अलग-अलग न्यायिक मंचों का दरवाजा खटखटाना पड़ा।
राज्य उपभोक्ता आयोग ने भी दिए थे निर्देश
पट्टा जारी करने के मामले में नगर पालिका खंडेला, एसडीएम खंडेला और जिला कलेक्टर सीकर की ओर से राज्य उपभोक्ता आयोग में अपील की गई थी। राज्य आयोग ने 17 दिसंबर 2013 को परिवादी को एक महीने के भीतर पट्टा जारी करने के निर्देश दिए थे।
इसके बावजूद जब पट्टा जारी नहीं हुआ, तो भोलूराम ने राजस्थान हाईकोर्ट की जयपुर पीठ में याचिका दायर की। इस तरह मामला एक दशक से अधिक समय तक विभिन्न न्यायिक प्रक्रियाओं में बना रहा। परिवादी की ओर से पट्टा जारी करने के आदेशों की पालना सुनिश्चित कराने की मांग की जाती रही।
हाईकोर्ट के निर्देश के बाद भी कार्रवाई पर सवाल
अधिवक्ता सुरेंद्र शर्मा के मुताबिक, राजस्थान हाईकोर्ट की जयपुर पीठ ने 28 अक्टूबर 2025 को जिला उपभोक्ता आयोग सीकर को अवमानना शिकायत का तीन महीने के भीतर निस्तारण करने के निर्देश दिए थे।
बताया गया है कि इसके बाद भी मामले में अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने और संबंधित अधिकारियों के आयोग के समक्ष उपस्थित नहीं होने के चलते आयोग ने सख्त कदम उठाया। हालांकि, इस प्रकरण में संबंधित अधिकारियों का पक्ष और आदेशों की पालना नहीं होने के कारणों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं है।
एसडीएम के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट, कलेक्टर को समन
जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग के अध्यक्ष अजय कुमार बंसल और सदस्य नीतू जांगिड़ ने मामले की सुनवाई के दौरान खंडेला एसडीएम ज्योत्स्ना खेड़ा के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी करने का आदेश दिया। इसके साथ ही सीकर जिला कलेक्टर आशीष मोदी को समन जारी कर 29 अक्टूबर को व्यक्तिगत रूप से आयोग में उपस्थित होने के निर्देश दिए गए हैं।
यह कार्रवाई उपभोक्ता आयोग के पुराने आदेशों की पालना और अवमानना शिकायत के निस्तारण से जुड़ी है। मामले में अब निर्धारित तारीख पर जिला कलेक्टर की उपस्थिति और आयोग के समक्ष आगे होने वाली कार्यवाही महत्वपूर्ण रहेगी।
भोलूराम को पट्टा जारी करने का मामला प्रशासनिक जवाबदेही और न्यायिक आदेशों के अनुपालन से जुड़ा हुआ है। वर्षों से लंबित इस प्रकरण में आयोग के ताजा आदेश के बाद अब यह देखना होगा कि संबंधित अधिकारी आगे क्या कदम उठाते हैं और परिवादी को पट्टा जारी करने की प्रक्रिया कब तक पूरी होती है।







