जयपुर: राजस्थान में पंचायतीराज चुनाव के दूसरे चरण के तहत बुधवार, 28 अक्टूबर को जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के लिए मतदान हो रहा है। प्रदेश के 22 जिलों में लोकतंत्र के इस चुनावी उत्सव में 1 करोड़ 6 लाख से अधिक मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे। मतदान सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक निर्धारित है। इस चरण में जिला परिषद के 352 वार्डों और 124 पंचायत समितियों के 2,197 वार्डों में कुल 8,404 प्रत्याशियों की किस्मत मतपेटियों में बंद होगी। शांतिपूर्ण मतदान के लिए प्रदेशभर में 11,799 मतदान केंद्र बनाए गए हैं।
दूसरे चरण में 8,404 प्रत्याशी मैदान में
राज्य निर्वाचन आयोग के आंकड़ों के अनुसार, दूसरे चरण में कुल 1,06,56,127 मतदाता पंजीकृत हैं। इनमें 55,19,336 पुरुष, 51,36,744 महिलाएं और अन्य श्रेणी के 47 मतदाता शामिल हैं। जिला परिषद के 352 वार्डों में 1,086 प्रत्याशी चुनाव लड़ रहे हैं, जबकि पंचायत समिति के 2,197 वार्डों में 7,318 प्रत्याशी मैदान में हैं।
इन चुनावों में मतदाता जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्य पदों के लिए अलग-अलग मतदान करेंगे। ग्रामीण क्षेत्रों में स्थानीय विकास, पंचायतों की कार्यप्रणाली और जनप्रतिनिधियों के चयन को लेकर इस चुनाव को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
जयपुर की पांच पंचायत समितियों में वोटिंग
जयपुर जिले में आमेर, अमरसर, जालसू, रामपुरा डाबड़ी और शाहपुरा पंचायत समितियों में मतदान हो रहा है। यहां जिला परिषद के 11 वार्डों में 30 प्रत्याशी और पंचायत समिति के 81 वार्डों में 247 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं।
जिले में कुल 3,78,364 मतदाता पंजीकृत हैं। इनमें 1,97,323 पुरुष, 1,81,040 महिलाएं और एक अन्य श्रेणी का मतदाता शामिल है। मतदान के लिए 413 केंद्र बनाए गए हैं। इन पांच पंचायत समितियों के अंतर्गत 112 ग्राम पंचायतें आती हैं। मतदान दलों को अंतिम प्रशिक्षण के बाद श्री भवानी निकेतन कॉलेज ऑफ फार्मेसी, सीकर रोड से रवाना किया गया था।
जोधपुर में सबसे ज्यादा मतदाता, कोटा सबसे पीछे
दूसरे चरण के चुनाव में मतदाताओं की संख्या के लिहाज से जोधपुर सबसे आगे है। यहां कुल 10,77,600 मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर सकेंगे। जिले में जिला परिषद के 34 वार्डों में 104 प्रत्याशी और 17 पंचायत समितियों के 261 वार्डों में 787 प्रत्याशी मैदान में हैं।
सीकर में 7,99,569 और जालोर में 7,74,569 मतदाता पंजीकृत हैं। वहीं, कोटा में सबसे कम 1,47,431 मतदाता हैं। करौली में 2,64,819 और बीकानेर में 3,35,446 मतदाता दर्ज किए गए हैं।
प्रत्याशियों की संख्या के लिहाज से भी जोधपुर आगे है। यहां पंचायत समिति सदस्य पदों के लिए 787 उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं। अलवर में 451 और झुंझुनूं में 444 प्रत्याशी पंचायत समिति के वार्डों में अपनी किस्मत आजमा रहे हैं।
कई जिलों में कड़ा चुनावी मुकाबला
अजमेर में कुल 5,16,843 मतदाता हैं, जबकि जिला परिषद के 18 वार्डों में 56 और पंचायत समिति के 98 वार्डों में 295 प्रत्याशी चुनाव लड़ रहे हैं। अलवर में 5,77,519 मतदाताओं के लिए मतदान हो रहा है। बांसवाड़ा में 3,56,506, बाड़मेर में 3,53,235 और भीलवाड़ा में 5,49,646 मतदाता पंजीकृत हैं।
डूंगरपुर में 5,16,532, झुंझुनूं में 5,65,594, नागौर में 5,28,145 और पाली में 5,11,020 मतदाता मतदान कर सकते हैं। राजसमंद में 4,07,685, सिरोही में 3,54,673 और उदयपुर में 3,89,443 मतदाता हैं। कोटपूतली-बहरोड़ में 3,95,205 मतदाता पंजीकृत हैं।
महिला मतदाताओं की संख्या बांसवाड़ा और भीलवाड़ा में पुरुष मतदाताओं से अधिक है। यह आंकड़ा ग्रामीण चुनावों में महिला मतदाताओं की भागीदारी को भी रेखांकित करता है।
ग्रामीण राजनीति के लिए अहम है दूसरा चरण
राजस्थान पंचायत चुनाव का दूसरा चरण जिला परिषद और पंचायत समिति स्तर पर स्थानीय प्रतिनिधित्व तय करने के लिहाज से महत्वपूर्ण है। 22 जिलों में एक साथ मतदान होने से चुनावी गतिविधियां तेज हैं। कुल 11,799 मतदान केंद्रों पर मतदाता अपने प्रतिनिधियों का चयन करेंगे।
अब सभी की नजर मतदान प्रक्रिया के समापन और आगे होने वाली मतगणना पर रहेगी। इन चुनावों के नतीजे ग्रामीण क्षेत्रों में राजनीतिक समीकरणों और स्थानीय निकायों के नेतृत्व की तस्वीर स्पष्ट करेंगे।







