राजस्थान में पंचायती राज चुनाव के दूसरे चरण के तहत नीमकाथाना पंचायत समिति क्षेत्र की 39 ग्राम पंचायतों में आज लोकतंत्र का महापर्व उत्साह और उमंग के साथ मनाया जा रहा है। गांव की नई सरकार चुनने के लिए मतदाता सुबह से ही मतदान केंद्रों पर पहुंच रहे हैं और पंच व सरपंच पद के प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला मतपेटियों में बंद कर रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में मतदान को लेकर खासा उत्साह देखा जा रहा है। सुबह मतदान शुरू होते ही केंद्रों के बाहर लंबी-लंबी कतारें लगनी शुरू हो गईं, जिनमें युवाओं से लेकर बुजुर्गों और महिलाओं की भागीदारी उल्लेखनीय रही।
मतदान केंद्रों के बाहर और गांव के प्रमुख चौराहों पर सुबह से ही राजनीतिक सरगर्मियां तेज रहीं। सरपंच और वार्ड पंच पद के उम्मीदवार और उनके समर्थक मतदाताओं के मतदान केंद्र पहुंचने से पहले हाथ जोड़कर अंतिम क्षणों तक अपने पक्ष में मतदान करने की भावुक अपील करते नजर आए। ग्रामीण मतदाताओं ने भी गांव के विकास, बुनियादी सुविधाओं, सड़क, पानी, बिजली और स्थानीय समस्याओं के समाधान को प्राथमिकता देते हुए अपने मताधिकार का प्रयोग किया।
गौरतलब है कि त्रिस्तरीय पंचायती राज व्यवस्था के तहत चुनावी प्रक्रिया को अलग-अलग चरणों में बांटा गया है। इससे पहले 28 अक्टूबर को पहले चरण के तहत मतदाताओं ने जिला परिषद सदस्य और पंचायत समिति सदस्य पदों के लिए अपने वोट डाले थे। उस प्रक्रिया के पूरा होने के बाद अब दूसरे चरण में ग्रामीण सीधे तौर पर अपने गांव के मुखिया यानी सरपंच और वार्ड के प्रतिनिधि वार्ड पंच को चुनने के लिए वोट डाल रहे हैं, जिसे लेकर गांवों में सबसे अधिक व्यक्तिगत जुड़ाव और चुनावी मुकाबला देखने को मिलता है।
प्रशासन की ओर से सभी 39 ग्राम पंचायतों में शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव संपन्न कराने के लिए पुख्ता सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। संवेदनशील और अतिसंवेदनशील बूथों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है और गश्ती दल लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। मतदान की निर्धारित समयावधि समाप्त होने के तुरंत बाद गुरुवार शाम से ही मतदान केंद्रों पर मतों की गिनती का कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
मतगणना पूरी होने के साथ ही देर रात तक सभी 39 ग्राम पंचायतों के सरपंच और वार्ड पंच के परिणामों की आधिकारिक घोषणा कर दी जाएगी। नतीजों के समय को नजदीक देखते हुए प्रत्याशियों, उनके समर्थकों और ग्रामीणों की धड़कनें तेज हो गई हैं। चुनाव मैदान में उतरे सभी उम्मीदवारों की निगाहें अब पूरी तरह से मतगणना और आने वाले चुनावी परिणामों पर टिकी हुई हैं।







