भोपाल: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के टीटी नगर में आयोजित भारतीय जनता पार्टी के ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ कार्यक्रम के दौरान उस समय असहज स्थिति बन गई, जब मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की जुबान फिसल गई। मंच पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा की मौजूदगी में भाषण देते हुए मुख्यमंत्री के मुंह से नड्डा के नाम के साथ गलती से ‘मुर्दाबाद’ का नारा निकल गया। इस चूक के होते ही मंच पर बैठे भाजपा नेताओं के चेहरों पर जहां हैरानी दिखी, वहीं राज्यमंत्री कृष्णा गौर सहित कई नेता हल्की मुस्कान और ठहाके रोक नहीं पाए। हालांकि, मुख्यमंत्री यादव ने तुरंत अपनी गलती सुधारी और बिना रुके कांग्रेस सांसद राहुल गांधी पर तीखा राजनीतिक हमला बोल दिया।
इस घटना का वीडियो राजनीतिक हलकों और सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। मंच पर क्षणिक असहजता के बाद भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने एकजुट होकर विपक्षी गठबंधन और कांग्रेस पार्टी की नीतियों पर कड़ा प्रहार किया।
जेपी नड्डा का कांग्रेस पर सीधा वार: ‘हिट एंड रन’ की राजनीति कर रहा विपक्ष
सभा को संबोधित करते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने कांग्रेस पार्टी और राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला। नड्डा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस केवल “हिट एंड रन” (आरोप लगाकर भागने) की राजनीति में विश्वास रखती है। उन्होंने कहा कि जब भी कांग्रेस ने चुनावी प्रक्रिया या वोट चोरी को लेकर संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाए, तब न तो चुनाव आयोग को और न ही राष्ट्रपति को कोई ठोस सबूत पेश किए।
नड्डा ने कर्नाटक का उदाहरण देते हुए कहा कि कांग्रेस ने महादेवपुरा विधानसभा क्षेत्र में 1 लाख वोट काटे जाने का गंभीर आरोप लगाया था। इस पर चुनाव आयोग ने पार्टी से लिखित हलफनामा मांगा, लेकिन 470 दिन बीत जाने के बाद भी कांग्रेस कोई हलफनामा जमा नहीं कर सकी। उन्होंने कहा कि ठीक इसी तरह के बेबुनियाद आरोप हरियाणा और महाराष्ट्र चुनावों के दौरान भी मढ़े गए, लेकिन लिखित साक्ष्य मांगने पर कांग्रेस हमेशा पीछे हट गई।
“संवैधानिक संस्थाओं को धमकाना कांग्रेस की पुरानी कार्यशैली”
केंद्रीय मंत्री ने कांग्रेस के लोकतंत्र बचाने के दावों पर सवाल उठाते हुए याद दिलाया कि कांग्रेस ने अपने शासनकाल में संविधान के अनुच्छेद 356 का 90 बार दुरुपयोग किया। नड्डा ने कहा कि अकेले इंदिरा गांधी ने निर्वाचित राज्य सरकारों को 50 बार गिराया था।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस का तरीका हमेशा से यही रहा है कि या तो उनके पक्ष में फैसले हों, अन्यथा वे संस्थाओं को धमकाने और दबाव बनाने का काम करते हैं। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि राजीव गांधी और राहुल गांधी ने उस योजना आयोग को ‘जोकरों का झुंड’ करार दिया था, जिसके अध्यक्ष उस समय स्वयं डॉ. मनमोहन सिंह थे।
कई राज्यों में दशकों से सत्ता से बाहर, अब कर्नाटक-हिमाचल की बारी
नड्डा ने चुनावी आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि कांग्रेस तमिलनाडु में 58 साल, पश्चिम बंगाल में 48 साल, बिहार और गुजरात में 35 साल, ओडिशा में 25 साल और दिल्ली में 12 साल से सत्ता से बाहर है। इसके बावजूद पार्टी अपनी नाकामियों को छिपाने के लिए ‘वोट चोरी’ का राग अलापती है। उन्होंने दावा किया कि आने वाले समय में कर्नाटक और हिमाचल प्रदेश में भी कांग्रेस सत्ता गंवाने जा रही है।
‘जमानत पर चल रहे नेता हैं इंडी गठबंधन के नगीने’
विपक्षी ‘इंडिया’ गठबंधन पर निशाना साधते हुए नड्डा ने कहा कि दिल्ली के रामलीला मैदान में मंच साझा करने वाले चार प्रमुख नेता—राहुल गांधी,सोनिया गांधी, फारूक अब्दुल्ला और तेजस्वी यादव—वर्तमान में जमानत पर बाहर हैं। यदि उनकी जमानत रद्द हो जाए, तो उनका ठिकाना सीधे जेल होगा। इसके अलावा ममता बनर्जी, अखिलेश यादव, महुआ मोइत्रा और महबूबा मुफ्ती समेत 13 अन्य नेता करोड़ों रुपये के घोटालों और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों से घिरे हैं। उन्होंने तंज कसते हुए इन नेताओं को विपक्षी गठबंधन के ‘अनमोल नगीने’ करार दिया।







