उत्तर प्रदेश के कुशीनगर में भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा की नई जिला कार्यसमिति की सूची जारी होते ही पार्टी की आंतरिक कलह खुलकर सड़क पर आ गई है। जिलाध्यक्ष रूपम राव द्वारा घोषित 44 सदस्यीय पदाधिकारियों और सदस्यों की सूची को लेकर विरोध के सुर तेज हो गए हैं। मोर्चा की पूर्व जिला मीडिया प्रभारी पूनम जायसवाल ने जहां नियुक्तियों में पैसे और चापलूसी के दम पर पद बांटने के गंभीर आरोप लगाए हैं, वहीं पडरौना क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग में संविदा पर तैनात एक एएनएम (ANM) को जिला उपाध्यक्ष की कुर्सी सौंपे जाने के बाद प्रशासनिक और राजनीतिक स्तर पर सवाल खड़े हो गए हैं।
“मेहनत की जगह खुशामद और पैसे से मिले पद”: पूर्व मीडिया प्रभारी
महिला मोर्चा की पूर्व जिला मीडिया प्रभारी पूनम जायसवाल ने नई कार्यकारिणी की घोषणा के तुरंत बाद पार्टी की कार्यप्रणाली पर तीखा हमला बोला। उन्होंने खुद को भाजपा की कट्टर और निष्ठावान कार्यकर्ता बताते हुए कहा कि संगठन में वर्षों तक जमीनी स्तर पर पसीना बहाने वाले समर्पित कार्यकर्ताओं को पूरी तरह दरकिनार कर दिया गया है।
पूनम जायसवाल ने आरोप लगाया कि कुशीनगर स्थानीय संगठन में पदों का बंटवारा निष्ठा के आधार पर नहीं, बल्कि बड़े नेताओं की गणेश परिक्रमा और कथित तौर पर पैसे के प्रभाव में किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्हें प्रदेश या केंद्रीय नेतृत्व से कोई शिकायत नहीं है, लेकिन स्थानीय संगठन की तानाशाही और कार्यकर्ताओं की निरंतर अनदेखी ने उन्हें इस मनमानी के खिलाफ मुखर होने पर विवश किया है।
संविदा एएनएम को बनाया उपाध्यक्ष, सीएमओ बोले— मांगेंगे जवाब
इस विवाद का सबसे संवेदनशील पहलू पडरौना क्षेत्र में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत संविदा पर कार्यरत एएनएम किरण पांडेय को जिला उपाध्यक्ष बनाया जाना है। सरकारी सेवा शर्तों के तहत किसी राजनीतिक दल में आधिकारिक पद धारण करने को लेकर नियम स्पष्ट हैं।
इस मामले के तूल पकड़ने पर जिले के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. चंद्रप्रकाश ने संज्ञान लिया है। सीएमओ ने कहा कि मामले की विभागीय स्तर पर जानकारी जुटाई जा रही है और संबंधित संविदा स्वास्थ्यकर्मी से इस संबंध में स्पष्टीकरण व जवाब मांगा जाएगा कि सरकारी दायित्वों के बीच वे किसी राजनीतिक पद पर कैसे सक्रिय हैं।
संगठन का पलटवार: ‘पुराने पद पर हुई वापसी, आरोप लगाने वाली पहले से निष्कासित’
विवाद बढ़ता देख भाजपा संगठन ने भी अपनी स्थिति स्पष्ट की है। महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष रूपम राव ने संविदा एएनएम किरण पांडेय की नियुक्ति का बचाव करते हुए कहा कि वे संगठन के लिए कोई नया चेहरा नहीं हैं। किरण पांडेय पूर्व में भी जिला उपाध्यक्ष का दायित्व संभाल चुकी हैं और उनके पुराने सांगठनिक अनुभव को देखते हुए ही उन्हें पुनः यह जिम्मेदारी सौंपी गई है।
वहीं दूसरी ओर, भाजपा जिलाध्यक्ष दुर्गेश राय ने पूनम जायसवाल के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि आरोप लगाने वाली नेत्री का वर्तमान में पार्टी से कोई संबंध ही नहीं है। दुर्गेश राय ने बताया कि करीब तीन साल पहले ही तत्कालीन महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष चंद्रभा पांडेय के कार्यकाल में अनुशासनहीनता के चलते पूनम जायसवाल को संगठन से निष्कासित किया जा चुका था। ऐसे में निष्कासित व्यक्ति द्वारा लगाए जा रहे आरोपों का पार्टी के लिए कोई औचित्य नहीं है।







