पंजाब के संगरूर जिले में लहरागागा-जाखल रोड पर एक दिल दहला देने वाला सड़क हादसा सामने आया है, जहां तेज रफ्तार का कहर दिहाड़ी मजदूरों पर टूटा है। सड़क किनारे काम कर रहे महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के मजदूरों को एक अनियंत्रित और तेज रफ्तार कार ने बुरी तरह रौंद दिया। इस भीषण दुर्घटना में 8 मजदूरों की मौके पर ही या इलाज के दौरान दर्दनाक मौत हो गई है, जबकि कई अन्य मजदूर गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं।
कैसे हुआ यह दर्दनाक हादसा?
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, हादसा उस वक्त हुआ जब लहरागागा-जाखल मार्ग पर करीब 23 महिला और पुरुष मजदूर मनरेगा के तहत सड़क किनारे साफ-सफाई और निर्माण से जुड़ा कार्य कर रहे थे। इसी दौरान वहां से गुजर रही एक तेज रफ्तार कार के चालक ने वाहन से अपना नियंत्रण खो दिया और कार सीधे काम में जुटे मजदूरों की टोली को कुचलते हुए निकल गई।
टक्कर इतनी जोरदार थी कि मौके पर चीख-पुकार मच गई और मजदूरों को संभलने या बचने का कोई मौका तक नहीं मिला। हादसे के तुरंत बाद आसपास के ग्रामीणों और राहगीरों ने मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया और पुलिस व एंबुलेंस को सूचना दी।
पुलिस जांच और अस्पताल में उपचार जारी
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और प्रशासन की टीम तुरंत घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से सभी घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया, जहां कई मजदूरों की हालत नाजुक बनी हुई है। गंभीर रूप से घायल कुछ मजदूरों को बेहतर इलाज के लिए बड़े चिकित्सा केंद्रों में रेफर किया गया है। पुलिस ने मृतकों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और दुर्घटनाग्रस्त वाहन को जब्त कर आरोपी चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर आगे की कानूनी जांच शुरू कर दी है।
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने जताया गहरा शोक
इस हृदयविदारक घटना ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। पंजाब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सांसद अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने इस भीषण हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने संवेदना प्रकट करते हुए कहा कि लहरागागा क्षेत्र में हुई इस दुखद घटना से वे बेहद आहत हैं, जहां एक तेज रफ्तार कार ने 8 मनरेगा मजदूरों की जान ले ली और कई अन्य को घायल कर दिया।
राजा वडिंग ने पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए सरकार और प्रशासन से तुरंत राहत की मांग की। उन्होंने कहा कि ये समाज के सबसे गरीब और मेहनतकश तबके के लोग थे, जो अपने परिवार की आजीविका चलाने के लिए कड़ी धूप और मेहनत में पसीना बहा रहे थे। उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया कि सभी घायलों को सर्वोत्तम और तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जाए, लापरवाही से वाहन चलाने वाले दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई हो, और जान गंवाने वाले मजदूरों के आश्रित परिवारों को सरकार की ओर से पर्याप्त आर्थिक मुआवजा दिया जाए।







