नीमकाथाना सब जेल से गुरुवार दोपहर फरार हुआ दुष्कर्म का विचाराधीन कैदी आखिरकार पुलिस के हत्थे चढ़ गया है। जेलकर्मियों को चकमा देकर दीवार फांदने वाले इस आरोपी को पुलिस ने महज 9 घंटे के भीतर गुरुवार रात करीब 10 बजे उसके पैतृक गांव से धर दबोचा। कचरा डालने के बहाने जेल परिसर से बाहर निकले आरोपी ने संतरी को धक्का दिया और पीछे की बाउंड्री वॉल कूदकर भाग निकला था, जिसके बाद पूरे प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया था।
दीवार फांदकर हुआ था फरार, पुलिस ने बिछाया जाल
घटना के तुरंत बाद जेलर की लिखित शिकायत पर कोतवाली थाने में मामला दर्ज किया गया। उच्चाधिकारियों के निर्देश पर एएसपी लोकेश कुमार मीणा और वृत्ताधिकारी सुशील मान के सुपरविजन में उपनिरीक्षक सरदार मल के नेतृत्व में विशेष टीमों का गठन किया गया। पुलिस ने इलाके में सघन नाकाबंदी करते हुए आरोपी के संभावित ठिकानों और उसके गांव के इर्द-गिर्द सादा वर्दी में निगरानी बढ़ा दी। दिन में घर पर दी गई दबिश में वह नहीं मिला, लेकिन जैसे ही वह रात करीब 10 बजे छिपते हुए अपने गांव पहुंचा, पहले से घात लगाकर बैठी पुलिस टीम ने उसे हिरासत में ले लिया।
जेल सुरक्षा पर उठे सवाल, उच्चाधिकारियों ने शुरू की जांच
विचाराधीन कैदी के दिनदहाड़े भागने की इस गंभीर चूक के बाद जेल महकमे में खलबली मच गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए डीआईजी जेल नरेंद्र मीणा और जेल अधीक्षक इंद्रकुमार ने सबजेल पहुंचकर घटनास्थल का मुआयना किया। अधिकारियों ने ड्यूटी पर तैनात प्रहरियों के बयान दर्ज किए, परिसर की सुरक्षा व्यवस्था जांची और अन्य बंदियों से भी पूछताछ की। सुरक्षा प्रोटोकॉल में हुई इस बड़ी लापरवाही को लेकर जेल प्रशासन ने विभागीय जांच शुरू कर दी है ताकि ड्यूटी में कोताही बरतने वाले कर्मियों पर कार्रवाई तय की जा सके।







