पूर्वांचल में संभावित चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ और मौसम विभाग (आईएमडी) द्वारा अगले दो दिनों के लिए जारी किए गए भारी बारिश के रेड अलर्ट को देखते हुए गोरखपुर नगर निगम प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है। मौसम विज्ञानियों की चेतावनी के अनुसार गुरुवार से मौसम का मिजाज तेजी से बिगड़ेगा और शुक्रवार को तेज आंधी-तूफान के साथ मूसलाधार बारिश होने की आशंका है। शनिवार को भी दिनभर आसमान में घने बादल छाए रहेंगे और रुक-रुक कर बारिश का सिलसिला बना रह सकता है। इस गंभीर मौसमी आपातकाल के मद्देनजर नगर निगम ने शहर को जलभराव और जलजमाव के संकट से बचाने के लिए युद्धस्तर पर तैयारियां तेज कर दी हैं। निगम ने अपने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को अगले 48 घंटों तक 24 घंटे अलर्ट मोड पर रहने का सख्त निर्देश जारी किया है।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए नगर निगम के तमाम अधिकारियों व कर्मचारियों के अवकाश तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिए गए हैं। सभी संबंधित कार्मिकों को अपने मोबाइल फोन हर समय चालू रखने और किसी भी आपात स्थिति की सूचना मिलते ही तत्काल मौके पर पहुंचने की ताकीद की गई है। शहर में जलभराव की स्थिति से निपटने और राहत व बचाव कार्यों की रूपरेखा तैयार करने के लिए नगर निगम सभागार में बुधवार को एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की संयुक्त अध्यक्षता महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव और नगर आयुक्त अजय जैन ने की, जिसमें मानसून पूर्व और चक्रवात प्रबंधन से जुड़ी तमाम व्यवस्थाओं का बिंदुवार जायजा लिया गया।
समीक्षा बैठक के दौरान नगर आयुक्त ने शहर के सभी प्रमुख और पुराने जलभराव वाले संवेदनशील स्थलों को प्राथमिकता के आधार पर चिह्नित करने और उन पर लगातार विशेष निगरानी रखने के आदेश दिए। उन्होंने अभियंताओं को कड़े निर्देश दिए कि शहर के सभी बड़े नालों, पुलियों और कल्वर्ट की तलीझाड़ सफाई तत्काल सुनिश्चित की जाए, ताकि वर्षा जल की निकासी बिना किसी रुकावट के हो सके। इसके साथ ही शहर में स्थापित सभी स्थायी पंपिंग स्टेशनों और संपवेल की कार्यप्रणाली की तकनीकी जांच पूरी करने को कहा गया है। अतिरिक्त जल निकासी के लिए डीजल और इलेक्ट्रिक से चलने वाले सभी पोर्टेबल पंपों की मरम्मत कराकर उन्हें पूरी तरह तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं।
पंपिंग और जल निकासी व्यवस्था में बिजली कटने की स्थिति में भी कोई व्यवधान न उत्पन्न हो, इसके लिए सभी पंपिंग केंद्रों पर बैकअप जनरेटर, नई बैटरियां और पर्याप्त मात्रा में डीजल व ईंधन का अग्रिम भंडारण करने को कहा गया है। साथ ही पंपों के निर्बाध संचालन के लिए प्रशिक्षित ऑपरेटरों की 24 घंटे शिफ्टवार तैनाती सुनिश्चित की गई है। नागरिकों की शिकायतों के त्वरित समाधान और राहत कार्यों के समन्वय के लिए नगर निगम मुख्यालय में एक केंद्रीय कंट्रोल रूम सक्रिय कर दिया गया है। इसके अलावा मैदान में जल निकासी और राहत कार्य संभालने के लिए क्विक रिस्पांस टीम (क्यूआरटी) और इमरजेंसी गैंग को सभी जरूरी उपकरणों के साथ हर समय तैयार रहने का निर्देश दिया गया है।
नगर आयुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिए कि स्वास्थ्य, जलकल, निर्माण और प्रकाश विभाग आपस में बेहतर समन्वय बनाकर काम करें ताकि किसी भी क्षेत्र में जलभराव या पेड़ गिरने जैसी घटनाओं से तत्काल निपटा जा सके। रात के समय भी निगरानी टीमें और सफाई दस्ते सक्रिय रहेंगे, जिससे भारी वर्षा के दौरान कहीं भी पानी ठहरने न पाए। नगर आयुक्त ने सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि चक्रवात और आपदा प्रबंधन के कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि किसी इलाके में जल निकासी या सफाई में ढिलाई पाई गई, तो संबंधित अवर अभियंता (जेई) और सहायक अभियंता (एई) की सीधी जवाबदेही तय करते हुए उनके खिलाफ कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। बैठक में अपर नगर आयुक्त,मुख्य अभियंता, जलकल एवं निर्माण विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, जोनल अधिकारी, जोनल सेनेटरी अधिकारी और सभी सफाई निरीक्षक उपस्थित रहे।







