राजस्थान के सीकर और नवनिर्मित नीमकाथाना जिले में पंचायती राज व्यवस्था के तहत लोकतंत्र का उत्सव आज अपने निर्णायक दौर में पहुंच गया है। सीकर की पिपराली और नीमकाथाना की पाटन पंचायत समिति के तहत आने वाली ग्राम पंचायतों में पंच और सरपंच पदों के लिए शुक्रवार सुबह 7:00 बजे से मतदान की प्रक्रिया कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शुरू हो गई है। मतदान शाम 6:00 बजे तक चलेगा। गुरुवार देर रात तक प्रत्याशी और उनके समर्थक मतदाताओं के घरों की चौखट पर दस्तक देकर अंतिम समय की मान-मनुहार और गणित बिठाने में जुटे रहे।
पिपराली पंचायत समिति: 198 उम्मीदवार मैदान में, नाम वापसी के बाद तस्वीर साफ
सीकर की पिपराली पंचायत समिति की 27 ग्राम पंचायतों में चुनावी बिसात पूरी तरह बिछ चुकी है। नामांकन प्रक्रिया के तहत इन पंचायतों में पंच और सरपंच पदों के लिए कुल 269 नामांकन पत्र दाखिल किए गए थे। निर्वाचन विभाग द्वारा की गई संवीक्षा (जांच) के दौरान दो नामांकन पत्र खारिज हो गए, जिसके बाद 267 नामांकन पत्र वैध पाए गए।
नाम वापसी के अंतिम दिन सियासी मान-मनुहार और चुनावी समीकरणों के बीच कुल 69 अभ्यर्थियों ने अपने कदम पीछे खींचते हुए नाम वापस ले लिए। इसके बाद अब कुल 198 प्रत्याशी सरपंच पद के लिए चुनावी मैदान में आमने-सामने हैं। पिपराली के ग्रामीण इलाकों में सुबह से ही मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की लंबी कतारें देखी जा रही हैं, जहां लोग गांव की सरकार चुनने के लिए उत्साहपूर्वक वोट डाल रहे हैं।
पाटन पंचायत समिति: 26 पंचायतों में बहुकोणीय मुकाबला, 93 हजार से अधिक मतदाता
उधर, नीमकाथाना जिले की पाटन पंचायत समिति की 26 ग्राम पंचायतों में भी आज पंच और सरपंच चुनने के लिए वोट डाले जा रहे हैं। पाटन में सरपंच पद के लिए कुल 200 उम्मीदवार मैदान में हैं, जिससे लगभग सभी पंचायतों में बहुकोणीय और बेहद दिलचस्प मुकाबला देखने को मिल रहा है।
पाटन क्षेत्र के चुनावी आंकड़ों पर नजर डालें तो:
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वरीयता व कड़ा मुकाबला: दरीबा और छाजाकीनांगल ग्राम पंचायतों में चुनावी मुकाबला सबसे ज्यादा कड़ा है, जहां सरपंच पद के लिए सर्वाधिक 14-14 प्रत्याशी आमने-सामने हैं।
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बल्लूपुरा में 13 प्रत्याशी मैदान में हैं, जबकि रायपुर पाटन व बिहार ग्राम पंचायतों में 12-12 उम्मीदवारों के बीच कांटे की टक्कर है। श्यालोदड़ा पंचायत में 11 प्रत्याशी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं।
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मतदाता और बूथ: पाटन पंचायत समिति क्षेत्र में कुल 93,561 मतदाता आज अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। इनमें पुरुष मतदाताओं की संख्या 49,795 और महिला मतदाताओं की संख्या 43,763 है। शांतिपूर्ण और निष्पक्ष मतदान संपन्न कराने के लिए प्रशासन की ओर से कुल 94 मतदान केंद्र (बूथ) बनाए गए हैं।
चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा, देर रात तक चला प्रचार का दौर
शुक्रवार सुबह मतदान शुरू होने से पहले तक गांवों की गलियों में सियासी सरगर्मियां चरम पर थीं। ग्रामीण क्षेत्रों में उम्मीदवारों ने गुरुवार की पूरी रात मतदाताओं से व्यक्तिगत संपर्क साधने और वोट पक्के करने में लगा दी। ग्रामीण मतदाताओं को रिझाने के लिए जातिगत, पारिवारिक और सामाजिक समीकरणों को अंतिम रूप दिया गया।
सुरक्षा के लिहाज से दोनों ही पंचायत समितियों के संवेदनशील और अति-संवेदनशील बूथों पर अतिरिक्त पुलिस बल और आरएसी के जवान तैनात किए गए हैं। जिला निर्वाचन अधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों की टीमें लगातार गश्त कर स्थिति पर नजर रखे हुए हैं। मतदान संपन्न होने के तुरंत बाद आज देर शाम तक ही मतों की गिनती कर परिणाम घोषित कर दिए जाएंगे, जिससे आज रात तक दोनों क्षेत्रों के गांवों को उनके नए मुखिया (सरपंच) मिल जाएंगे।







