राजस्थान के नीमकाथाना शहर में प्रशासनिक अनदेखी और बुनियादी सुविधाओं के अभाव के कारण स्थानीय निवासियों और व्यापारियों का जीना मुहाल हो गया है। शहर की मुख्य सड़कों के टूटने, उखड़ने और नियमित सफाई व्यवस्था ठप होने से हर समय उड़ने वाली मिट्टी और धूल के गुबार ने पूरे क्षेत्र को अपनी चपेट में ले लिया है। जोड़ला-जोहड़ा से लेकर खेतड़ी मोड़ और वहां से रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) तक के व्यस्ततम मार्ग पिछले दो सालों से पूरी तरह बदहाल पड़े हैं। बार-बार की लिखित और मौखिक शिकायतों के बावजूद नगर परिषद और संबंधित प्रशासनिक विभाग न तो इन सड़कों की सुध ले रहे हैं और न ही सफाई व्यवस्था में कोई सुधार कर रहे हैं, जिससे स्थानीय जनता में भारी आक्रोश व्याप्त है।
दिनभर उड़ती धूल से लोग बीमार, दुकानों में रखा सामान हो रहा खराब
इस मार्ग पर गाड़ियों की लगातार आवाजाही के कारण हवा में दिनभर धूल और मिट्टी के घने गुबार उड़ते रहते हैं, जिससे यहां से गुजरने वाले राहगीरों,दुपहिया वाहन चालकों और आसपास के दुकानदारों का सांस लेना भी दूभर हो चुका है। स्थानीय दुकानदार अनिल कुमार ने अपनी पीड़ा साझा करते हुए बताया कि पिछले दो वर्षों से इस बदहाल सड़क के कारण क्षेत्र का व्यापार और कारोबार पूरी तरह चौपट होने की कगार पर पहुंच गया है। धूल इतनी अधिक उड़ती है कि दुकानों के भीतर रखा सामान चंद मिनटों में मिट्टी से सन जाता है। ग्राहक इन रास्तों पर आने और दुकानों पर रुकने से कतराते हैं,जिससे व्यापारिक गतिविधियां बुरी तरह प्रभावित हो रही हैं। इसके साथ ही, दिनभर धूल के कणों के बीच रहने से व्यापारियों और स्थानीय निवासियों में सांस, आंखों में जलन और एलर्जी जैसी स्वास्थ्य संबंधी बीमारियां तेजी से पैर पसार रही हैं।
जनप्रतिनिधियों और प्रशासन से तुरंत राहत की गुहार
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि नीमकाथाना को जिला बने लंबा समय बीत चुका है, लेकिन शहर की मुख्य सड़कों और बुनियादी ढांचे की स्थिति आज भी बेहद दयनीय है। व्यापारिक संगठनों और निवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही जोड़ला-जोहड़ा से खेतड़ी मोड़ और आरओबी तक की बदहाल सड़कों की मरम्मत नहीं कराई गई और नियमित सफाई व पानी के छिड़काव की व्यवस्था शुरू नहीं की गई, तो वे उग्र आंदोलन और चक्का जाम करने के लिए मजबूर होंगे। व्यापारियों ने जिला कलेक्टर और स्वायत्त शासन विभाग से इस गंभीर जनसमस्या का संज्ञान लेकर तुरंत राहत कार्य शुरू कराने की मांग की है।







